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अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक आबोहवा का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तीखे प्रहार किए
कोलकाता। पश्चिम बंगाल दिवस के गौरवशाली अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह में शामिल हुए। इस महामंच पर प्रधानमंत्री के साथ राज्य के राज्यपाल आर. एन. रवि और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के करोड़ों अन्नदाताओं को एक बड़ी सौगात दी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के रूप में 18,880 करोड़ की भारी-भरकम राशि जारी की। डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर की गई इस किस्त से देश भर के 9.44 करोड़ से अधिक किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राज्य की जनता को बधाई देते हुए कामना की कि यह ऐतिहासिक पश्चिम बंगाल दिवस राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए एक नई और सशक्त प्रेरणा बनेगा।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक आबोहवा का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने बंगाली भाषा में वहां मौजूद जनसैलाब से सीधा संवाद स्थापित करते हुए पूछा कि क्या उन्हें यह नया परिवर्तन पसंद आ रहा है? प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही बंगाल के विकास के लिए बेहद तेज़ गति से काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि आज बंगाल की हवा में एक नई ताजग़ी महसूस की जा सकती है, मानो राज्य दशकों पुरानी बेडिय़ों से आज़ाद हो गया हो। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि विभाजन के समय कांग्रेस ने बंगाल को अनाथ छोड़ दिया था और आज़ादी के बाद भी यहाँ सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया गया।
प्रधानमंत्री ने 20 जून की इस ऐतिहासिक तारीख के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल दिवस का यह अवसर और भी ज्यादा खास है। आज़ादी के बाद बंगाल के उज्ज्वल भविष्य और विकास के लिए महापुरुषों ने जो सपना देखा था, आज पहली बार हम सब उन सपनों को हकीकत में बदलते देख रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के बाद राज्य की कमान संभालने वाली वर्तमान भाजपा-एनडीए सरकार में अब विकास के एक नए महाअभियान की शुरुआत हो रही है, जिससे बंगाल एक नया और गौरवशाली इतिहास रचने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।